Saturday, April 13, 2024
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Chaitra Navratri: महाशक्ति की आराधना का पर्व है नवरात्रि, जाने पूजा विधि

Chaitra Navratri 2024: महाशक्ति की आराधना का पर्व है नवरात्रि। तीन हिंदू देवियों- पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती के नौ विभिन्न स्वरूपों की उपासना के लिए निर्धारित है, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से जाना जाता है। पहले तीन दिन पार्वती के तीन स्वरूपों की अगले तीन दिन लक्ष्मी माता के स्वरूपों और आखिरी के तीन दिन सरस्वती माता के स्वरूपों की पूजा करते हैं।

दुर्गा सप्तशती के अन्तर्गत देव दानव युद्ध का विस्तृत वर्णन है। इसमें देवी भगवती और मां पार्वती ने किस प्रकार से देवताओं के साम्राज्य को स्थापित करने के लिए तीनों लोकों में उत्पात मचाने वाले महादानवों से लोहा लिया इसका वर्णन आता है। यही कारण है कि आज सारे भारत में हर जगह दुर्गा यानि नवदुर्गाओं के मन्दिर स्थपित हैं। इस साल इस बार चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल 2024 से प्रारंभ हो रहे हैं, जिसका समापन 17 अप्रैल होगा। चैत्र नवरात्रि में अबकी बार पूरे नौ दिनों की नवरात्रि होगी।

खास बात ये है कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। इस समय में घटस्थापना आपके लिए बहुत ही लाभदायक और उन्नतिकारक सिद्ध हो सकता है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। वर्ष में दो बार चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा की जाती है।

Chaitra Navratri और शारदीय नवरात्रि की लोक मान्यता ज्यादा

हालांकि कि गुप्त नवरात्रि भी आती है, लेकिन चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि की लोक मान्यता ज्यादा है। साल में दो बार आश्विन और चैत्र मास में नौ दिन के लिए उत्तर से दक्षिण भारत में नवरात्र उत्सव का माहौल होता है। सम्पूर्ण दुर्गासप्तशती का अगर पाठ न भी कर सकें तो निम्नलिखित श्लोक का पाठ को पढ़ने से सम्पूर्ण दुर्गासप्तशती और नवदुर्गाओं के पूजन का फल प्राप्त हो जाता है।

सर्वमंगलमंगलये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरि नारायणि नमोऽतु ते।। शरणांगतदीन आर्त परित्राण परायणे सर्वस्यार्तिहरे देवी नारायणि नमोऽस्तु ते।। सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यारत्नाहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ।।

वैसे तो दुर्गा के 108 नाम गिनाये जाते हैं लेकिन नवरात्रों में उनके स्थूल रूप को ध्यान में रखते हुए नौ दुर्गाओं की स्तुति और पूजा पाठ करने का गुप्त मंत्र ब्रहमा जी ने अपने पौत्र मार्कण्डेय ऋषि को दिया था। इसको देवीकवच भी कहते हैं। देवीकवच का पूरा पाठ दुर्गा सप्तशती के 56 श्लोकों के अन्दर मिलता है। नौ दुर्गाओं के स्वरूप का वर्णन संक्षेप में ब्रहमा जी ने इस प्रकार से किया है।

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रहमचारिणी।तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्।।पंचमं स्क्न्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च।सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्।नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।।

हर समस्या का समाधान हैं ये श्लोक

नवरात्र में शक्ति साधना व कृपा प्राप्ति का का सरल उपाय दुर्गा सप्तशती का पाठ है। नवरात्र के दिवस काल में सविधि मां के कलश स्थापना के साथ शतचंडी, नवचंडी, दुर्गा सप्तशती और देवी अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। दुर्गा सप्तशती के पाठ के कई विधि विधान है। दुर्गा सप्तशती महर्षि वेदव्यास रचित मार्कण्डेय पुराण के सावर्णि मन्वतर के देवी महात्म्य के 700 श्लोक का एक भाग है। दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक तीन चरित्र विभाग हैं। इसमें 700 श्लोक हैं।

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UPI से एक दिन में बस इतने पैसे कर सकेंगे ट्रांसफर, जानें UPI की नई सीमा

UPI से एक दिन में बस इतने पैसे कर सकेंगे ट्रांसफर, जानें UPI की नई सीमा जी, हां आजकल सभी लोग बैंक का काम, डिटीएच र‍िचार्ज, मोबाइल र‍िचार्ज, यहा तक की शॉप‍िग भी घर बैठे कर रहे है एक तरह से यह कहा जा सकता है की आम से खास लोग ड‍िजिटल युग में जी रहे है। सारे काम घर बैठे ही हो जा रहे है वो भी मोबाइल से ही।

हमारे देश में 2016 में पेश किया गया था UPI

2016 में UPI ने देश में छोटी रहड़ी से लेकर बड़े से बड़े मॉल तक ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा दी। भुगतान UPI से आसानी से किया जा सकता है। इससे भुगतान बहुत आसानी से किया जा सकता है। आज यूपीआई बहुत लोकप्रिय हो चुकी है। 2016 में हमारे देश में शुरू हुआ यूपीआई ने भारत सहित दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की है। अब फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, ओमान, कतर, रूस और मॉरीशस भी UPI सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं।

यूपीआई की Popularity में हुआ दमदार इज़ाफ़ा

NPCI, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, यूपीआई की लोकप्रियता का एक बड़ा हिस्सा है। एक आंकड़ा बताता है कि 2022 में भारत में UPI से 1.53 ट्रिलियन डॉलर का ट्रांजेक्शन हुआ, जो इसे काफी अपनाया गया है। यूपीआई की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही इसका इस्तेमाल भी काफी बढ़ा है।

जान लीजिये Daily UPI Limit

ऐसे में, अगर आप भी यूपीआई ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपको डेली UPI लिमिट के बारे में भी पता होना चाहिए। भारत में एक लाख रुपये की अधिकतम यूपीआई सीमा है। Google Pay, PhonePe और Amazon Pay जैसे कई भुगतान ऐपों के लिए यह सीमा समान है। यदि आप एक ऐप से एक लाख रुपये भेजते हैं, तो आप उसी दिन दूसरे ऐप से अधिक राशि नहीं भेज सकते। यदि आपने एक ही नंबर से कई ऐप्स का खाता बनाया है, तो भी आपके पास एक लाख रुपये की कुल राशि होगी।

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ईशान-अय्यर कॉन्ट्रैक्ट से बाहर, बीसीसीआई ने जारी की खिलाड़ियों की लिस्ट

ईशान-अय्यर कॉन्ट्रैक्ट से बाहर, बीसीसीआई ने जारी की खिलाड़ियों की लिस्ट जी, हां बीसीसीआई की तरफ से साल 2023-24 के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की नई लिस्ट जारी कर दी गई है। इस कॉन्ट्रैक्ट में विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने अपने A+ कांट्रेक्ट को दोबारा हासिल किया है।

जबकि स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल समेत श्रेयस अय्यस और ईशान किशन को बोर्ड ने कांट्रेक्ट से बाहर कर दिया है। कहा जा रहा है कि, ईशान किश और श्रेयस अय्यर को बोर्ड की नाफरमानी करने की सजा भुगतनी पड़ रही है।

BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट

  • ग्रेड A+ – रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रविंद्र जडेजा
  • ग्रेड A – आर अश्विन, मोहम्मद शमी, केएल राहुल, शुबमन गिल और हार्दिक पंड्या।
  • ग्रेड B – सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और यशस्वी जायसवाल।
  • ग्रेड C – रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, शार्दुल ठाकुर, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, जितेश शर्मा, वाशिंगटन सुंदर, मुकेश कुमार, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, केएस भरत, प्रसिद्ध कृष्णा, आवेश खान और रजत पाटीदार।
  • वहीं बोर्ड ने तेज गेंदबाजों को अलग से कॉन्ट्रैक्ट देने की सिफारिश की है। जिसमें आकाश दीप, विजयकुमार वैश्यक, उमरान मलिक, यश दयाल और विदवथ कावेरप्पा।
  • गौरतलब है कि, ग्रेड ए खिलाड़ियों को सालाना सात करोड़ जबकि ग्रेड ए प्लेयर को तीन करोड़ रुपये मिलते हैं। ग्रेड सी खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं।

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महाभारत के श्रीकृष्ण ने IAS वाइफ पर लगाए ये आरोप, दर्ज कराई शिकायत

महाभारत (Mahabharata) में श्रीकृष्ण (shri krishna)के किरदार से मशहूर हुए नीतीश भारद्वाज (Nitish Bharadwaj) इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। खबरें हैं कि एक्टर ने अपनी पत्नी स्मिता घाटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नीतीश ने अपनी पत्नी पर मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया।

जानकारी के मुताबिक, नीतीश ने बुधवार को मदद के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा से संपर्क किया। नीतीश ने अपनी पत्नी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत में कहा गया है कि स्मिता से लंबी शादी के बाद, उन्होंने और उनकी पत्नी स्मिता ने 2019 में मुंबई फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की और उनका मामला अभी भी लंबित है।

उन्होंने आगे अपनी आईएएस पत्नी स्मिता पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन्हें (नीतीश को) अपनी बेटियों देवयानी और शिवराजानी से मिलने या बात करने नहीं देती थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मिता अपनी (नाइट्स) बेटी का स्कूल बदलती रहती हैं। इससे नीतीश की मानसिक स्थिति खराब हो रही है।

नीतीश ने दो शादियां की थीं

हम आपको बता दें कि नीतीश की दो बार शादी हुई थी, लेकिन दोनों ही शादियां ज्यादा समय तक नहीं चल पाईं। उनकी पहली शादी 1991 में हुई थी। उन्होंने अपनी शादी की शुरुआत मोनिशा पाटिल से की थी, लेकिन ये शादी 2005 में खत्म हो गई। इसके बाद नीतीश ने स्मिथ से शादी की। नीतीश और स्मिता की शादी 2009 में हुई थी। दोनों की जुड़वां बेटियां हैं।

बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में नीतीश ने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि कभी-कभी तलाक मौत से भी ज्यादा दर्दनाक हो सकता है।’ इसलिए माता-पिता के रूप में हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बहुत अधिक चिंता न करें।

काम के मोर्चे पर, नीतीश को श्री कृष्ण की भूमिका के लिए जाना जाता है। नितीश को बीआर चोपड़ा की महाभारत में देखा गया था जहां वह बहुत लोकप्रिय हुए थे। आखिरी बार उन्हें फिल्म केदारनाथ में देखा गया था। केदारनाथ में उन्होंने एक्ट्रेस सारा अली खान के पिता का किरदार निभाया था।

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जाने क्‍या होती है नजूल की जमीन कितने साल के लिए मिलता है इसका पट्टा?

हलद्वानी के बनभूलपुर में जमीन खाली कराने को लेकर काफी बवाल हुआ था और वहां कुछ लोगों की मौत भी हो गई थी। यह सरकार द्वारा मुक्त कराई गई नजूल भूमि थी। अब लोगों के मन में सवाल है कि नजूल भूमि क्या है और यह कब तक मिल सकती है और इसके अधिकार को लेकर भी कई सवाल हैं।

क्या होती है नजूल की जमीन?

सबसे पहले जानते हैं कि नजूल की जमीन आखिर होती क्या है। नजूल की जमीन वो जमीन होती है, जिस पर किसी का दावा नहीं होता है, यानी ऐसी जमीन जिस पर दावा करने के लिए कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। इस जमीन पर सरकार का हक होता है। अंग्रेजों से भारत की आजादी के बाद ऐसी कई जमीनें सरकारों को मिली थीं। ये जमीन उन लोगों की थीं, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई थी।

ऐसा करने के लिए उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया जाता था और उन लोगों को सजा सुनाई जाती थी। ऐसी कुछ जमीनों पर तो दावे किए गए, लेकिन कुछ जमीनें ऐसी रह गईं जिन पर किसी ने भी दावा नहीं किया। ऐसी जमीनों को राज्य सरकारों को सौंप दिया गया। यानी जिस राज्य में वो जमीन थी, उसे राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया। यानी नजूल की जमीन एक सरकारी जमीन होती है, जिस पर सिर्फ सरकार का हक होता है।

सरकार ने जारी किए पट्टे

नजूल की जमीन कई सालों तक खाली पड़ी रहीं, लेकिन बाद में सरकारों ने इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया। इसे कई जनहित कामों के लिए लीज पर दिया जाने लगा, ऐसी जमीनों पर स्कूल से लेकर हॉस्पिटल तक बनाए गए। वहीं कुछ ऐसे लोगों को भी जमीन दी गई, जिनके पास कृषि के लिए जमीन नहीं थी। नजूल हस्तांतरण नियमों के तहत ये जमीन ऐसे कामों के लिए दी जाती है। इसके जरिए जमीन के पट्टे दिए जाते हैं।

कितने साल के लिए दी जाती है जमीन?

सरकार नजूल की जिस जमीन के पट्टे जारी करती है उसकी एक निश्चित अवधि भी तय की जाती है, किसी को 10 साल तो किसी को 15 से 20 साल तक के लिए जमीन के पट्टे दिए जाते हैं। इस अवधि के बाद सरकार को जमीन वापस करनी होती है।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को 6 बीघा तक नजूल की जमीन मिल सकती है। इस जमीन पर बने किसी भी तरह की इमारत को नहीं खरीदा जा सकता है, ना ही कृषि योग्य भूमि को बेच सकते हैं। सरकार चाहे तो बीच में ही पट्टे या लीज को रद्द कर सकती है।

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Home Lone की 3 EMI नहीं भरने पर क्या होगा, जानिये RBI की गाइडलाइन

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Home Lone को सुरक्षित ऋण के रूप में वर्गीकृत किया गया है। बदले में आपको अपनी संपत्ति बैंक के पास गिरवी रखनी होगी। लेकिन अगर आप होम लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो आइए जानते हैं क्या हैं आरबीआई की गाइडलाइंस…

जब आप पहली बार Home Lone पर EMI देने से चूक करते हैं, तो ऋणदाता आमतौर पर आपको भुगतान के बारे में याद दिलाने के लिए SMS, ईमेल या कॉल के माध्यम से अलर्ट भेजता है।

देरी के लिए बैंक विलंब शुल्क या जुर्माना शुल्क भी लगा सकता है। ये जुर्माना आम तौर पर अतिदेय राशि का 1 प्रतिशत से 2 प्रतिशत होता है, जिसका भुगतान ईएमआई के अतिरिक्त किया जाता है।

जब आप दूसरी बार EMI का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो आपका बैंक आपको एक अनुस्मारक भेजेगा और आपसे जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए कह सकता है।

तीसरी किस्त ना देने पर?

हालांकि, यदि आप फिर भी लगातार तीसरी बार बकाया राशि का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो बैंक या वित्तीय संस्थान ऋण को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) के रूप में वर्गीकृत कर देता है।

इसके बाद, ऋणदाता वित्तीय संपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और प्रतिभूति ब्याज अधिनियम 2002 (SARFAESI) के प्रवर्तन के तहत डिफॉल्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करता है।

बैंक जल्द ही बकाया वसूलने की प्रक्रिया शुरू करता है और उधारकर्ता को कानूनी नोटिस देकर 60 दिनों के भीतर बकाया चुकाने को कहता है। गृह ऋण में, जो एक सुरक्षित ऋण है, उधारकर्ता इसके विरुद्ध संपार्श्विक के रूप में एक संपत्ति गिरवी रखता है।

यदि कोई डिफॉल्टर 60 दिनों के भीतर बकाया का भुगतान नहीं करता है, तो SARFAESI अधिनियम के अनुसार, ऋणदाता को संपार्श्विक पर कब्ज़ा करने का अधिकार है। यहां, बैंक अदालत के हस्तक्षेप के बिना भी आपकी गिरवी रखी संपत्ति पर कब्ज़ा कर सकता है।

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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के बयान के बाद औंधे मुंह गिरा Paytm का स्टॉक

जी, हां आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास के बयान के बाद पेटीएम का स्‍टॉक औधे मुंह ग‍िर पड़ा Paytm के शेयर में 10 फीसदी की गिरावट के बाद लोअर सर्किट लग गया है। दिन में 528 रुपये के हाई से स्टॉक 15।40 फीसदी तक नीचे लुढ़क चुका है।

मॉनिटरी पॉलिसी के बाद हुए प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान आरबीआई गवर्नर से Paytm Pament Bank को लेकर सवाल पूछा गया था। सवाल के जवाब में आरबीआई ने कहा कि पेटीएम पेमेंट बैंक के खिलाफ ये सुपवाइजरी एक्शन है।

उन्होंने कहा कि आरबीआई हर रेग्यूलेटेड एनटिटी को अनुपालन पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देती है। कई बार ज्यादा भी समय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हम जिम्मेदार रेग्यूलेटर हैं अगर नियमों का अनुपालन हो रहा होता तो भला हम ऐसी कार्रवाई क्यों करते?

रिकॉर्ड लो के करीब Paytm शेयर

Paytm आईपीओ नवंबर 2021 में आया था और शेयर 18 नवंबर 2021 को लिस्ट हुए थे। आईपीओ निवेशकों को शेयर 2150 रुपये के भाव पर जारी हुए थे। लेकिन लिस्टिंग के बाद से इस भाव तक यह शेयर कभी पहुंच ही नहीं पाया।

यानी कि आईपीओ निवेशक कभी मुनाफे में नहीं आए। पिछले दो दिनों से पेटीएम शेयर में लोअर सर्किट लग रहा है। अब यह रिकॉर्ड लो के काफी करीब है। इसके शेयर 23 नवंबर 2022 को NSE पर 438।35 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर चले गए थे।

लिस्टिंग के दिन हुआ था नुकसान

Paytm का आईपीओ 1 नवंबर 2021 को आया था। कंपनी ने उस दौरान प्राइस बैंड 2080 रुपये से 2150 रुपये प्रति शेयर तय किया था। कंपनी की एनएसई में लिस्टिंग 9 फीसदी डिस्काउंट के साथ 1955 रुपये पर हुई थी।

लिस्टिंग के दिन ही कंपनी के शेयर 27 फीसदी गिरावट के साथ 1564 रुपये पर आ गए थे। इसके बाद से शेयरों में गिरावट ही देखी जा रही है। इस शेयर में निवेश करने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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UP MLC Election: चार सीटों पर बीजेपी की जीत, सपा का नहीं खुला खाता

लखनऊ, सीएनए। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद खंड स्नातक (UP MLC Election) की तीन और शिक्षक कोटे की दो सीटों पर 30 जनवरी को हुए मतदान के बाद गुरुवार से जारी काउंटिंग अब अपने अंतिम चरण में है।

अब तक आए रुझान और परिणाम में बीजेपी चार सीट जीत चुकी है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने बढ़त बनाई है। बीजेपी ने बरेली-मुरादाबाद सीट पर हैट्रिक लगाते हुए तीसरी बार कब्ज़ा जमाया। बीजेपी के जयपाल सिंह व्यस्त निर्वाचित घोषित किए गए हैं।

उन्नाव-कानपुर स्नातक एमएलसी सीट (UP MLC Election) से बीजेपी के अरुण पाठक को जीत मिली है। वहीं झांसी-इलाहाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर बीजेपी प्रत्याशी बाबूलाल तिवारी को निर्वाचित घोषित किया गया है।

गोरखपुर- फैजाबाद स्नातक एमएलसी सीट पर बीजेपी प्रत्याशी देवेंद्र सिंह विजयी घोषित किए गए हैं। कानपुर शिक्षक खंड एमएलसी चुनाव में निर्दलीय राज बहादुर सिंह चंदेल अपने निकटतम प्रतिद्वंदियों से आगे चल रहे हैं।

12 फ़रवरी को खत्म हो रहा पांच सदस्यों का कार्यकाल

बता दें कि यूपी विधानपरिषद में स्नातक और शिक्षक कोटे से चयनित पांच सदस्यों का कार्यकाल 12 फरवरी को खत्म हो रहा है। जिसके लिए 30 जनवरी को मतदान हुए थे। 100 सदस्यीय विधानपरिषद में मौजूदा समय में बीजेपी के 81 सदस्य हैं, जबकि सपा के 9 सदस्य हैं। विधान परिषद में विपक्ष की कुर्सी बचाने के लिए सपा को एक साइट की जरूरत है।

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इन आसान तरीकों से चेक करें अपने e Shram (ई श्रम) कार्ड का पैसा

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अगर आपके e Shram (ई श्रम कार्ड) में पैसा नहीं आया है और अगर आया है तो आप को मैसेज नहीं आया है तो आप इन तरीकों से असानी से अपने ई-श्रम कार्ड का पैसा चेक करते है।

ई श्रम कार्ड बैलेंस चेक: आज हम आप को ई श्रम कार्ड स्टेटस चेक और ई श्रम कार्ड बैलेंस चेक करने का ऑनलाइन प्रकिया बताने जा रहे है। इसलिए आप इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

ई श्रम कार्ड बैलेंस चेक करने के लिए आपको upssb.in की वेबसाइट पर जाना होगा। उसके बाद आपको ई श्रम कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर ई श्रम कार्ड बैलेंस चेक करना है।

आधार कार्ड द्वारा एैसे जाने अपने ई श्रम कार्ड की स्थिति

  • आधार कार्ड द्वारा e Shram कार्ड की स्थिति की जांच करने के लिए, अपने डिवाइस से Esram.gov.in पर जाएं।
  • दूसरी बात, ई आधार कार्ड बेनिफिशियरी स्टेटस चेक लिंक उपलब्ध होने के बाद उपलब्ध लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपको अपना लेबर कार्ड नंबर या यूएएन नंबर या आधार कार्ड नंबर डालना होगा।
  • Otp दर्ज करें, और फिर आप अपना ई श्रम भुगतान स्थिति 2022 देख सकते हैं।
  • इस तरह आप आधार कार्ड द्वारा ई श्रम कार्ड भुगतान स्थिति की जांच कर सकते हैं।

ई श्रम कार्ड बैलेंस नंबर कैसे चेक करें

  • e Shram कार्ड बैलेंस नंबर चेक करने के लिए आपको सबसे पहले upssb.in की वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके बाद आपको ई-श्रम के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • उसके बाद आपको ई-श्रम कार्ड में पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
  • इसके बाद आपको सर्च के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • यदि आपके ई-श्रम कार्ड का पैसा आ गया है तो आपको स्टेटस में सफलता देखने को मिलेगी।
  • अगर नहीं आया है तो स्टेटस में निल नजर आएगा।
  • इस तरह आप e Shram कार्ड बैलेंस चेक कर सकते हैं और लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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अब अगर शादी से पहले सेक्स (Sex) किया तो होगी एक साल की जेल!

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आज के युवक और युवतियां जो लोग बाहर जाकर पढाई और जॉब करते है वह वहां जाकर प्यार में पढ जाते है। जिसके बाद काफी लोग लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगते है। जब दो कपल एक दूसरे के ज्यादा करीब आते है तो बात सेक्स तक पहुंच जाती है। ​जो एक अपराध है।

वहीं इंडोनेशिया सरकार जल्द ही एक नया कानून बनाने जा रही है। जिसके अंतर्गत यदि शादी से पहले किसी ने सेक्स (Sex) किया तो वो अपराध माना जाएगा। न सिर्फ शादी से पहले, बल्कि शादी के बाद भी किसी पराए पुरुष या महिला के साथ सेक्स करने पर पाबंदी रहेगी। जल्द ही इंडोनेशिया सदन इस कानून को मान्यता देने की तैयारी में है।

द ड्राफ्ट क्रिमिनल कोड

इंडोनेशिया की संसद ‘द ड्राफ्ट क्रिमिनल कोड (RKUHP) पास करने वाली है। नया कानून लागू होने के बाद अगर कोई अविवाहित या फिर शादीशुदा महिला पुरुष इसका उल्लंघन करता है तो उसे एक साल के लिए जेल जाना पड़ सकता है। इसी के साथ उसपर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

विदेशियों पर भी होगा लागू

इस कानून के दायरे विदेशी में आएंगे। इसमें वे लोग भी आएंगे जिनके खिलाफ शिकायत की जाएगी। अगर व्यक्ति शादीशुदा है और उसके पार्टनर ने उसकी शिकायत की है तो कार्रवाई होगी। वहीं अविवाहित युवक या युवती के माता पिता द्वारा शिकायत दर्ज कराने पर भी कार्रवाई की जाएगी। अगर कोर्ट ट्रायल शुरू होने से पहले शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली, तो कोई कार्रवाई नहीं होगी।

लेकिन एक बार कोर्ट में ट्रायल शुरु हो गया तो फिर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि तीन साल पहले भी इंडोनेशिया सरकार इस कानून को लाने वाली थी, लेकिन इसके खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने इसे ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच’ का हनन करार दिया था और इसने कड़े विरोध को देखते हुए सरकार ने उस समय कदम पीछे ले लिए थे।

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