Saturday, July 6, 2024
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लोकसभा में विपक्ष पर PM का तंज, झूठ फैलाने के बाद भी उनकी हार हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। हालांकि, पीएम मोदी जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के बीच मोदी ने अपने संबोधन के शुरूआत में कहा कि मैं राष्ट्रपति जी के अभिभाषण के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उपस्थित हुआ हूं।

उन्होंने कहा कि हमारी आदरणीय राष्ट्रपति जी ने विकसित भारत के संकल्प को अपने प्रवचन में विस्तार दिया है। आदरणीय राष्ट्रपति महोदया ने अहम विषय उठाए हैं। राष्ट्रपति जी ने हम सबका और देश का मार्गदर्शन किया है। इसके लिए मैं राष्ट्रपति जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

मोदी ने आगे कहा कि दुनिया के सबसे बड़े चुनाव अभियान के लिए जनता ने हमें चुना है और मैं कुछ लोगों का दर्द समझ सकता हूं। लगातार झूठ फैलाने के बावजूद उन्हें भारी हार का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कल और आज अनेक सांसदों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किये, विशेषकर उन सांसदों ने जो पहली बार सांसद के रूप में हमारे बीच आये हैं।

हमारा एकमात्र मिशन ‘राष्ट्र प्रथम’ : पीएम

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम 2014 में जब पहली बार जीतकर आए थे, तो चुनाव के अभियान में भी हमने कहा था कि करप्शन के प्रति हमारा जीरो टॉलरेंस रहेगा। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी इसी नीति के कारण देश ने हमें आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र मिशन ‘राष्ट्र प्रथम’ है!

हमारा एकमात्र मिशन ‘भारत फर्स्ट’ है! हमारे कार्य, कदम और नीतियां इसी मिशन और लक्ष्य की ओर उन्मुख हैं। सभी ने देखा है कि हमने हर वो सुधार किया है जो देश की भलाई के लिए जरूरी था। उन्होंने कहा कि इस देश ने लंबे अरसे तक तुष्टिकरण की राजनीति भी देखी है। देश ने लंबे अरसे तक तुष्टिकरण का गवर्नेंस मॉडल भी देखा है। लेकिन हम तुष्टिकरण नहीं बल्कि सन्तुष्टिकरण के विचार को लेकर चले हैं।

उन्होंने कहा कि मैं आज आपके माध्यम से देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि विकसित भारत के जिस संकल्प को लेकर हम चले हैं, उस संकल्प की पूर्ति के लिए हम भरसक प्रयास करेंगे, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे। समय का पल-पल और शरीर का कण-कण विकसित भारत के सपने को पूरा करने में लगाएंगे।

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T20 वर्ल्ड कप फाइनल में बारिश से मैच रद हुआ तो कौन बनेगा विजेता जाने?

जी, हां भारत ने इंग्लैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल का टिकट कटा लिया है। भारत का फाइनल मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होना है। यह मुकाबला बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होना है। वेस्टइंडीज में लगभग रोज बारिश हो रही है। इस कारण टी20 वर्ल्ड कप के कई मैच रद हो गए। भारत बनाम इंग्लैंड मैच भी बारिश के कारण प्रभावित हुआ।

फाइनल में बारिश की कितनी संभावना?

क्रिकेटप्रेमियों की निगाहें अब बारबाडोस पर टिक गई हैं, जहां एक दिन बाद भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खिताबी लड़ाई होनी है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को भी बारबाडोस में बारिश की संभावना है। यह संभावना 78% तक जताई गई है, जबकि बादल पूरे दिन छाए रहेंगे।

क्या फाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है?

हां, फाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है। अगर शनिवार को बारिश के कारण मैच नहीं खेला जाता है तब यह रविवार को खेला जाएगा। आईसीसी ने इस मैच के लिए 3 घंटे 10 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम रखा है।

दोनों दिन बारिश हुई तो कौन बनेगा चैंपियन?

अगर शनिवार और रविवार दोनों ही दिन ज्यादा बारिश होती है और मैच रद हो जाता है तो फिर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ट्रॉफी शेयर की जाएगी। यानी दोनों टीमें जॉइंट विनर घोषित होंगे।

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पंचायत 3 के कलाकारों का ये नया रूप देख हैरान रह जाएंगे, पहचाने

वेब सीरीज़ पंचायत के तीसरे सीज़न में, प्रशंसक अपने पसंदीदा पात्रों को एक बार फिर गाँव की राजनीति में शामिल होते देखने के लिए उत्साहित थे। इस सीरीज के पहले दो सीजन शानदार रहे थे और तीसरे सीजन को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया था. चाहे वह गांव की नई मुखिया मंजू देवी के अवतार में नीना गुप्ता हों या प्रह्लाद चा यानी। घंटा। गांव के उपप्रधान बने फैसल मलिक, सबका ऐसा देसी अंदाज है कि आपको बेहद पसंद आएगा.

लेकिन क्या आप रंग-बिरंगे सूट-बूट में प्रह्लाद चा की कल्पना कर सकते हैं? आप सहायक राज्य सचिव को स्टाइलिश लुक में देख सकते हैं। सबसे चौंकाने वाला अवतार है गांव की रिंकी का, जो ऑफ-शोल्डर ड्रेस में नजर आ रही हैं… सिर्फ सोचिए मत, ऐसा सच में हुआ है।

पंचायक का तीसरा सीजन 28 मई को अमेजन प्राइम पर रिलीज हुआ था

‘पंचायत ‘ का तीसरा सीजन 28 मई को अमेजन प्राइम पर रिलीज हुआ था। इस बीच पंचायत के फैंस के लि‍ए इस सीरीज के एक्‍टर्स ने एक गजब का फोटो शूट कराया है, ज‍िसमें सभी कलाकार अलग ही अवतार में नजर आ रहे हैं। इस फोटोशूट को नाम द‍िया गया है, ‘फूल्स ऑफ फुलेरा’

सबसे पहले देख‍िए सब के फेवरेट प्रह्लाद चा यानी फैसल मल‍िक को। उनके साथ एक्‍टर रघुवीर यादव भी नजर आ रहे हैं। दूसरे सीजन में अपने फौजी बेटे राहुल के शहीद होने के बाद इस सीजन में प्रह्लाद चा शुरुआती 2 एपिसोड में बहुत ही उदास और शांत नजर आए हैं।

प्राइम वीडियो ने पंचायत सीजन 3 के कलाकारों का ये लेटेस्‍ट फोटोशूट सोशल मीड‍िया पर शेयर क‍िया है। इन शानदार तस्वीरों में सचिव जी यानी जितेंद्र कुमार समेत सभी मुख्‍य कलाकार यानी फैसल मलिक, संविका, रघुबीर यादव, अशोक पाठक, चंदन रॉय और दुर्गेश कुमार एक नए अंदाज में नजर आ रहे हैं।

इस लेटेस्‍ट फोटो शूट में सभी एक्टर्स चटक रंगों और फ्लोरल प्रिंट वाले शानदार आउटफिट में द‍िख रहे हैं। अपने खास पंचायत लुक से हटकर, कलाकारों ने अपने ट्रेंडी आउटफिट में सभी एक्‍टरर्स का नेवर-सीन-ब‍िफोर अवतार गजब लग रहा है।

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हरियाणा में सियासी संकट, 3 विधायकों ने सैनी सरकार से वापस लिया समर्थन

जी, हां हर‍ियाणा में सियासी संकट गहराता चला जा रहा है ऐसा प्रतीत हो रहा है। हरियाणा के तीन स्वतंत्र विधायक जो पहले भाजपा के पक्ष में थे, ने अब अपना समर्थन वापस ले लिया है और कांग्रेस को समर्थन दे दिया है।

खबरों के मुताबिक, पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदय भान ने जानकारी दी है कि दादरी से विधायक सोमबीर सांगवान, नीलोखेड़ी से विधायक धर्मपाल गोंदर और पुंडरी से रणधीर गोलन ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है।

हरियाणा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस लेने वाले निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन ने कहा, “पिछले 4.5 वर्षों से हमने भाजपा को समर्थन दिया है। आज बेरोजगारी और महंगाई अपने चरम पर है। इसे देखते हुए, हम हमने (सरकार से) अपना समर्थन वापस ले लिया है।” हरियाणा के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि लोगों को वर्तमान सरकार पर भरोसा नहीं है और यह देखते हुए कि इन लोगों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है और कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है।

उनका फैसला सही है, सही समय पर लिया गया सही फैसला है: हुडा

हुडा ने कहा कि उनका फैसला सही है, सही समय पर लिया गया सही फैसला है। ये जनता के हित में है…कांग्रेस की लहर है। मैं उनका स्वागत करता हूं। कुछ (निर्दलीय) विधायकों द्वारा हरियाणा सरकार से समर्थन वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर, हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह जानकारी मुझे मिली है। हो सकता है कि कांग्रेस अब कुछ लोगों की इच्छा पूरी करने में लगी हो। कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से कोई लेना-देना नहीं है।

तीन निर्दलीय विधायकों के हरियाणा सरकार से समर्थन वापस लेने पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मुझे इसके बारे में पता चला, मैंने वह रिपोर्ट देखी लेकिन मेरे पास इसकी जानकारी नहीं है… जानकारी मिलने पर हमारे लोग आपको बयान देंगे। हमारी कोई भी सरकार खतरे में नहीं है…मुझे यह भी पता नहीं है कि यह खबर सच है या गलत। सांसद दीपेंद्र सिंह हुडडा ने कहा कि प्रदेश (हरियाणा) में हालात बीजेपी के खिलाफ हैं, प्रदेश में बदलाव तय है।

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UPI से एक दिन में बस इतने पैसे कर सकेंगे ट्रांसफर, जानें UPI की नई सीमा

UPI से एक दिन में बस इतने पैसे कर सकेंगे ट्रांसफर, जानें UPI की नई सीमा जी, हां आजकल सभी लोग बैंक का काम, डिटीएच र‍िचार्ज, मोबाइल र‍िचार्ज, यहा तक की शॉप‍िग भी घर बैठे कर रहे है एक तरह से यह कहा जा सकता है की आम से खास लोग ड‍िजिटल युग में जी रहे है। सारे काम घर बैठे ही हो जा रहे है वो भी मोबाइल से ही।

हमारे देश में 2016 में पेश किया गया था UPI

2016 में UPI ने देश में छोटी रहड़ी से लेकर बड़े से बड़े मॉल तक ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा दी। भुगतान UPI से आसानी से किया जा सकता है। इससे भुगतान बहुत आसानी से किया जा सकता है। आज यूपीआई बहुत लोकप्रिय हो चुकी है। 2016 में हमारे देश में शुरू हुआ यूपीआई ने भारत सहित दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की है। अब फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, ओमान, कतर, रूस और मॉरीशस भी UPI सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं।

यूपीआई की Popularity में हुआ दमदार इज़ाफ़ा

NPCI, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, यूपीआई की लोकप्रियता का एक बड़ा हिस्सा है। एक आंकड़ा बताता है कि 2022 में भारत में UPI से 1.53 ट्रिलियन डॉलर का ट्रांजेक्शन हुआ, जो इसे काफी अपनाया गया है। यूपीआई की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही इसका इस्तेमाल भी काफी बढ़ा है।

जान लीजिये Daily UPI Limit

ऐसे में, अगर आप भी यूपीआई ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपको डेली UPI लिमिट के बारे में भी पता होना चाहिए। भारत में एक लाख रुपये की अधिकतम यूपीआई सीमा है। Google Pay, PhonePe और Amazon Pay जैसे कई भुगतान ऐपों के लिए यह सीमा समान है। यदि आप एक ऐप से एक लाख रुपये भेजते हैं, तो आप उसी दिन दूसरे ऐप से अधिक राशि नहीं भेज सकते। यदि आपने एक ही नंबर से कई ऐप्स का खाता बनाया है, तो भी आपके पास एक लाख रुपये की कुल राशि होगी।

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ईशान-अय्यर कॉन्ट्रैक्ट से बाहर, बीसीसीआई ने जारी की खिलाड़ियों की लिस्ट

ईशान-अय्यर कॉन्ट्रैक्ट से बाहर, बीसीसीआई ने जारी की खिलाड़ियों की लिस्ट जी, हां बीसीसीआई की तरफ से साल 2023-24 के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की नई लिस्ट जारी कर दी गई है। इस कॉन्ट्रैक्ट में विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने अपने A+ कांट्रेक्ट को दोबारा हासिल किया है।

जबकि स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल समेत श्रेयस अय्यस और ईशान किशन को बोर्ड ने कांट्रेक्ट से बाहर कर दिया है। कहा जा रहा है कि, ईशान किश और श्रेयस अय्यर को बोर्ड की नाफरमानी करने की सजा भुगतनी पड़ रही है।

BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट

  • ग्रेड A+ – रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रविंद्र जडेजा
  • ग्रेड A – आर अश्विन, मोहम्मद शमी, केएल राहुल, शुबमन गिल और हार्दिक पंड्या।
  • ग्रेड B – सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और यशस्वी जायसवाल।
  • ग्रेड C – रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, शार्दुल ठाकुर, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, जितेश शर्मा, वाशिंगटन सुंदर, मुकेश कुमार, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, केएस भरत, प्रसिद्ध कृष्णा, आवेश खान और रजत पाटीदार।
  • वहीं बोर्ड ने तेज गेंदबाजों को अलग से कॉन्ट्रैक्ट देने की सिफारिश की है। जिसमें आकाश दीप, विजयकुमार वैश्यक, उमरान मलिक, यश दयाल और विदवथ कावेरप्पा।
  • गौरतलब है कि, ग्रेड ए खिलाड़ियों को सालाना सात करोड़ जबकि ग्रेड ए प्लेयर को तीन करोड़ रुपये मिलते हैं। ग्रेड सी खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं।

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महाभारत के श्रीकृष्ण ने IAS वाइफ पर लगाए ये आरोप, दर्ज कराई शिकायत

महाभारत (Mahabharata) में श्रीकृष्ण (shri krishna)के किरदार से मशहूर हुए नीतीश भारद्वाज (Nitish Bharadwaj) इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। खबरें हैं कि एक्टर ने अपनी पत्नी स्मिता घाटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नीतीश ने अपनी पत्नी पर मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया।

जानकारी के मुताबिक, नीतीश ने बुधवार को मदद के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा से संपर्क किया। नीतीश ने अपनी पत्नी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत में कहा गया है कि स्मिता से लंबी शादी के बाद, उन्होंने और उनकी पत्नी स्मिता ने 2019 में मुंबई फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की और उनका मामला अभी भी लंबित है।

उन्होंने आगे अपनी आईएएस पत्नी स्मिता पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन्हें (नीतीश को) अपनी बेटियों देवयानी और शिवराजानी से मिलने या बात करने नहीं देती थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मिता अपनी (नाइट्स) बेटी का स्कूल बदलती रहती हैं। इससे नीतीश की मानसिक स्थिति खराब हो रही है।

नीतीश ने दो शादियां की थीं

हम आपको बता दें कि नीतीश की दो बार शादी हुई थी, लेकिन दोनों ही शादियां ज्यादा समय तक नहीं चल पाईं। उनकी पहली शादी 1991 में हुई थी। उन्होंने अपनी शादी की शुरुआत मोनिशा पाटिल से की थी, लेकिन ये शादी 2005 में खत्म हो गई। इसके बाद नीतीश ने स्मिथ से शादी की। नीतीश और स्मिता की शादी 2009 में हुई थी। दोनों की जुड़वां बेटियां हैं।

बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में नीतीश ने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि कभी-कभी तलाक मौत से भी ज्यादा दर्दनाक हो सकता है।’ इसलिए माता-पिता के रूप में हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बहुत अधिक चिंता न करें।

काम के मोर्चे पर, नीतीश को श्री कृष्ण की भूमिका के लिए जाना जाता है। नितीश को बीआर चोपड़ा की महाभारत में देखा गया था जहां वह बहुत लोकप्रिय हुए थे। आखिरी बार उन्हें फिल्म केदारनाथ में देखा गया था। केदारनाथ में उन्होंने एक्ट्रेस सारा अली खान के पिता का किरदार निभाया था।

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जाने क्‍या होती है नजूल की जमीन कितने साल के लिए मिलता है इसका पट्टा?

हलद्वानी के बनभूलपुर में जमीन खाली कराने को लेकर काफी बवाल हुआ था और वहां कुछ लोगों की मौत भी हो गई थी। यह सरकार द्वारा मुक्त कराई गई नजूल भूमि थी। अब लोगों के मन में सवाल है कि नजूल भूमि क्या है और यह कब तक मिल सकती है और इसके अधिकार को लेकर भी कई सवाल हैं।

क्या होती है नजूल की जमीन?

सबसे पहले जानते हैं कि नजूल की जमीन आखिर होती क्या है। नजूल की जमीन वो जमीन होती है, जिस पर किसी का दावा नहीं होता है, यानी ऐसी जमीन जिस पर दावा करने के लिए कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। इस जमीन पर सरकार का हक होता है। अंग्रेजों से भारत की आजादी के बाद ऐसी कई जमीनें सरकारों को मिली थीं। ये जमीन उन लोगों की थीं, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई थी।

ऐसा करने के लिए उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया जाता था और उन लोगों को सजा सुनाई जाती थी। ऐसी कुछ जमीनों पर तो दावे किए गए, लेकिन कुछ जमीनें ऐसी रह गईं जिन पर किसी ने भी दावा नहीं किया। ऐसी जमीनों को राज्य सरकारों को सौंप दिया गया। यानी जिस राज्य में वो जमीन थी, उसे राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया। यानी नजूल की जमीन एक सरकारी जमीन होती है, जिस पर सिर्फ सरकार का हक होता है।

सरकार ने जारी किए पट्टे

नजूल की जमीन कई सालों तक खाली पड़ी रहीं, लेकिन बाद में सरकारों ने इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया। इसे कई जनहित कामों के लिए लीज पर दिया जाने लगा, ऐसी जमीनों पर स्कूल से लेकर हॉस्पिटल तक बनाए गए। वहीं कुछ ऐसे लोगों को भी जमीन दी गई, जिनके पास कृषि के लिए जमीन नहीं थी। नजूल हस्तांतरण नियमों के तहत ये जमीन ऐसे कामों के लिए दी जाती है। इसके जरिए जमीन के पट्टे दिए जाते हैं।

कितने साल के लिए दी जाती है जमीन?

सरकार नजूल की जिस जमीन के पट्टे जारी करती है उसकी एक निश्चित अवधि भी तय की जाती है, किसी को 10 साल तो किसी को 15 से 20 साल तक के लिए जमीन के पट्टे दिए जाते हैं। इस अवधि के बाद सरकार को जमीन वापस करनी होती है।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को 6 बीघा तक नजूल की जमीन मिल सकती है। इस जमीन पर बने किसी भी तरह की इमारत को नहीं खरीदा जा सकता है, ना ही कृषि योग्य भूमि को बेच सकते हैं। सरकार चाहे तो बीच में ही पट्टे या लीज को रद्द कर सकती है।

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Home Lone की 3 EMI नहीं भरने पर क्या होगा, जानिये RBI की गाइडलाइन

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Home Lone को सुरक्षित ऋण के रूप में वर्गीकृत किया गया है। बदले में आपको अपनी संपत्ति बैंक के पास गिरवी रखनी होगी। लेकिन अगर आप होम लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो आइए जानते हैं क्या हैं आरबीआई की गाइडलाइंस…

जब आप पहली बार Home Lone पर EMI देने से चूक करते हैं, तो ऋणदाता आमतौर पर आपको भुगतान के बारे में याद दिलाने के लिए SMS, ईमेल या कॉल के माध्यम से अलर्ट भेजता है।

देरी के लिए बैंक विलंब शुल्क या जुर्माना शुल्क भी लगा सकता है। ये जुर्माना आम तौर पर अतिदेय राशि का 1 प्रतिशत से 2 प्रतिशत होता है, जिसका भुगतान ईएमआई के अतिरिक्त किया जाता है।

जब आप दूसरी बार EMI का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो आपका बैंक आपको एक अनुस्मारक भेजेगा और आपसे जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए कह सकता है।

तीसरी किस्त ना देने पर?

हालांकि, यदि आप फिर भी लगातार तीसरी बार बकाया राशि का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो बैंक या वित्तीय संस्थान ऋण को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) के रूप में वर्गीकृत कर देता है।

इसके बाद, ऋणदाता वित्तीय संपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और प्रतिभूति ब्याज अधिनियम 2002 (SARFAESI) के प्रवर्तन के तहत डिफॉल्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करता है।

बैंक जल्द ही बकाया वसूलने की प्रक्रिया शुरू करता है और उधारकर्ता को कानूनी नोटिस देकर 60 दिनों के भीतर बकाया चुकाने को कहता है। गृह ऋण में, जो एक सुरक्षित ऋण है, उधारकर्ता इसके विरुद्ध संपार्श्विक के रूप में एक संपत्ति गिरवी रखता है।

यदि कोई डिफॉल्टर 60 दिनों के भीतर बकाया का भुगतान नहीं करता है, तो SARFAESI अधिनियम के अनुसार, ऋणदाता को संपार्श्विक पर कब्ज़ा करने का अधिकार है। यहां, बैंक अदालत के हस्तक्षेप के बिना भी आपकी गिरवी रखी संपत्ति पर कब्ज़ा कर सकता है।

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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के बयान के बाद औंधे मुंह गिरा Paytm का स्टॉक

जी, हां आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास के बयान के बाद पेटीएम का स्‍टॉक औधे मुंह ग‍िर पड़ा Paytm के शेयर में 10 फीसदी की गिरावट के बाद लोअर सर्किट लग गया है। दिन में 528 रुपये के हाई से स्टॉक 15।40 फीसदी तक नीचे लुढ़क चुका है।

मॉनिटरी पॉलिसी के बाद हुए प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान आरबीआई गवर्नर से Paytm Pament Bank को लेकर सवाल पूछा गया था। सवाल के जवाब में आरबीआई ने कहा कि पेटीएम पेमेंट बैंक के खिलाफ ये सुपवाइजरी एक्शन है।

उन्होंने कहा कि आरबीआई हर रेग्यूलेटेड एनटिटी को अनुपालन पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देती है। कई बार ज्यादा भी समय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हम जिम्मेदार रेग्यूलेटर हैं अगर नियमों का अनुपालन हो रहा होता तो भला हम ऐसी कार्रवाई क्यों करते?

रिकॉर्ड लो के करीब Paytm शेयर

Paytm आईपीओ नवंबर 2021 में आया था और शेयर 18 नवंबर 2021 को लिस्ट हुए थे। आईपीओ निवेशकों को शेयर 2150 रुपये के भाव पर जारी हुए थे। लेकिन लिस्टिंग के बाद से इस भाव तक यह शेयर कभी पहुंच ही नहीं पाया।

यानी कि आईपीओ निवेशक कभी मुनाफे में नहीं आए। पिछले दो दिनों से पेटीएम शेयर में लोअर सर्किट लग रहा है। अब यह रिकॉर्ड लो के काफी करीब है। इसके शेयर 23 नवंबर 2022 को NSE पर 438।35 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर चले गए थे।

लिस्टिंग के दिन हुआ था नुकसान

Paytm का आईपीओ 1 नवंबर 2021 को आया था। कंपनी ने उस दौरान प्राइस बैंड 2080 रुपये से 2150 रुपये प्रति शेयर तय किया था। कंपनी की एनएसई में लिस्टिंग 9 फीसदी डिस्काउंट के साथ 1955 रुपये पर हुई थी।

लिस्टिंग के दिन ही कंपनी के शेयर 27 फीसदी गिरावट के साथ 1564 रुपये पर आ गए थे। इसके बाद से शेयरों में गिरावट ही देखी जा रही है। इस शेयर में निवेश करने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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