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Saturday, June 12, 2021

RJD सांसद Amarendra Dhari Singh को ईडी ने किया गिरफ्तार, जाने मामला

नई दिल्ली, सीएनए। आरजेडी (RJD) के राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह (Amarendra Dhari Singh) को प्रवर्तन निदेशालय ने विदेशों से आने वाली फ़र्टिलाइज़र में 800 करोड़ रुपए की कमीशनखोरी को लेकर दर्ज हुए मामले में गिरफ्तार किया है।

कमीशनखोरी के इस मामले में इफको और इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशकों समेत अगस्ता वेस्टलैंड मामले का आरोपी राजीव सक्सेना भी शामिल है।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से राज्यसभा के सांसद अमरेंद्र धारी सिंह (Amarendra Dhari Singh) के बारे में बताया जाता है कि जब इनका नाम राज्यसभा से सांसद उम्मीदवार के तौर पर सामने आया तो आरजेडी के ही ज्यादातर लोग इन्हें नहीं जानते थे। अब प्रवर्तन निदेशालय ने इन्हीं अमरेंद्र धारी सिंह को विदेशों से आने वाली खाद में हुई दलाली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।

केंद्र सरकार को भी करोड़ों का चूना लगाया

आरोप है कि अमरेंद्र धारी सिंह और उनके सहयोगियों ने इंडियन पोटाश लिमिटेड और इफको के बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर विदेशों से आने वाली खाद को बढ़े हुए मूल्यों पर खरीदा दिखाया और इस बारे में दलाली के पैसे को विभिन्न कंपनियों में मनी लॉन्ड्रिंग भी किया।

दिलचस्प यह भी है कि इस खरीद-फरोख्त में केंद्र सरकार से खाद में मिलने वाली सब्सिडी का पैसा भी लिया गया जिसके चलते केंद्र सरकार को भी करोड़ों का चूना लगा। अमरेंद्र धारी सिंह ज्योति ट्रेडिंग कॉरपोरेशन दुबई की कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी हैं और इस कंपनी की इस पूरे घोटाले में अहम भूमिका बताई जाती है।

जांच एजेंसियों के सामने अब तक जो रिकॉर्ड आया है उसके मुताबिक अमरेंद्र धारी सिंह (Amarendra Dhari Singh) और उनके सहयोगियों की कंपनियों के खातों समेत उनके अपने खातों में कमीशन खोरी के लगभग 685 करोड़ रुपए आए थे और कमीशन खोरी की इस रकम को अमेरिका में रहने वाले एनआरआई भारतीयों की कथित कंपनियों में ट्रांसफर किया गया।

अमरेंद्र धारी सिंह से पूछताछ जारी है

जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय ने अमरेंद्र धारी सिंह (Amarendra Dhari Singh) से अनेकों बार पूछताछ की थी लेकिन वे पूछताछ में पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहे थे। लिहाजा जानकारी छुपाने और ईडी को सहयोग न करने के आरोप में उन्हें उनके दिल्ली स्थित डिफेंस कॉलोनी निवास से गिरफ्तार कर लिया गया। अब ईडी जानना चाहता है कि इस मामले में शामिल घोटाले की रकम को किस तरह से ठिकाने लगाया गया और इसमें अमरेंद्र धारी सिंह का कितना कमीशन था।

इस मामले के तार बहुचर्चित अगस्ता वेस्टलैंड वीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी राजीव सक्सेना से भी जुड़े हुए हैं क्योंकि इस कमीशन खोरी का पैसा राजीव सक्सेना की कंपनियों के जरिए भी इधर-उधर किया गया था। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बड़े नेताओं की भूमिका और कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भी इस मामले में 17 मई 2021 को आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक परविंदर सिंह गहलोत, इफको के अध्यक्ष सीईओ यूएस अवस्थी और उनके बेटों समेत अमरेंद्र धारी सिंह और राजीव सक्सेना समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छापेमारी की थी। लगभग एक दर्जन जगहों पर हुई छापेमारी के दौरान 8 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। अभी ईडी ने इस मामले में अमरेंद्र धारी सिंह को गिरफ्तार कर लिया है जिनसे पूछताछ जारी है।

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