Thursday, February 22, 2024
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40 हजार में रेमडेसिविर बेच रहा था डॉक्‍टर गिरफ्तार, 36 लाख बरामद

गाजियाबाद, सीएनए। धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्‍टरों का आज कल एक नया ही रूप देखने को मिल रहा है। जीवन रक्षक दवा रेमडेसिविर की कालाबाजारी में पुलिस ने एक डाक्‍टर को गिरफ्तार किया है।

यह मामला गाजियाबाद का है। गिरफ्तार डाक्‍टर नामी डाक्‍टर है उसके 2 सहयोगियों को भी स्वाट और घंटाघर कोतवाली पुलिस की टीम ने पकड़ा है। तीनों के पास से 70 रेमडेसिविर इंजेक्शन और 36 लाख रुपये से ज्यादा कैश मिला। करीब 48 हजार रुपये कीमत का एक और इंजेक्शन भी इनके पास से मिला है।

दिल्‍ली एम्‍स में भी सेवाएं देता है आरोपी

कई अधिकारियों से लोग रेमडेसिवर की गुहार लगाते थे। अफसर इंतजाम नहीं कर पाते, लेकिन ब्लैक में उन तक इंजेक्शन पहुंच जाता था। इसी क्लू पर पुलिस ने पड़ताल शुरू की और गैंग तक पहुंच गई। आरोपित डॉक्टर दिल्ली एम्स में भी अपनी सेवाएं देता है। वह एक नामी फार्मा कंपनी में सीईओ भी है।

एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपितों की पहचान डॉ. अल्तमश, कुमैल और जाजिब के रूप में हुई है। डॉ. अल्तमश देश का नामी न्यूरोलॉजिस्ट है और दिल्ली के निजामुद्दीन में रहता है। इंजेक्शन वही उपलब्ध कराता था। चंद दिनों की कालाबाजारी में ही उसने 36 लाख रुपये कमाए हैं। आरोपितों के पास जो कार मिली है, वह भी इन्हीं पैसों से खरीदी गई थी।

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डॉ. अल्तमश लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने की सलाह भी दे रहा था। बड़ी कंपनी का सीईओ और नामी न्यूरोलॉजिस्ट होने की वजह से वह आसानी से रेमडेसिविर और दूसरे महंगे इंजेक्शन तक अपनी पहुंच बना लेता था। फिर इसके गैंग के लोग मरीजों तक पहुंचते थे। इंजेक्शन केवल उसी को दिया जाता था, जो इनके लिंक के जरिए आते थे। अनजान लोगों से ये किसी तरह की बात नहीं करते थे।

4 हजार का इंजेक्शन 40 हजार में बेचा

डॉ. अल्तमश का गैंग गंभीर मरीजों तक अपनी पहुंच बनाता था। 4 हजार रुपये का रेमडेसिविर इंजेक्शन 30 से 40 हजार रुपये के बीच बेच रहे थे। इसी बीमारी में इस्तेमाल होने वाले अक्टेमरा इंजेक्शन की भी कालाबाजारी करते थे। सामान्यतौर पर लगभग 48 हजार रुपये में मिलने वाले इस इंजेक्शन को डेढ़ लाख रुपये में बेचते थे। गाजियाबाद में डिमांड मिलने के बाद इंजेक्शन जाजिब और कुमैल के पास पहुंचता था।
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